सिद्ध महायोग और अन्य योगमार्ग

सिद्ध महायोग और अन्य योगमार्ग

भारतीय परंपरा में कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग, राजयोग और हठयोग जैसे अनेक मार्ग बताए गए हैं। सिद्ध महायोग में शक्तिपात के माध्यम से अंतर्निहित चेतन शक्ति के जागरण को विशेष महत्त्व दिया जाता है। जागृत शक्ति साधक की पात्रता के अनुसार भक्ति, ध्यान, ज्ञान और योग-क्रियाओं को भीतर से प्रेरित कर सकती है। इसलिए इसे विभिन्न योगमार्गों के समन्वय की साधना भी कहा जाता है। सभी मार्गों का लक्ष्य अंततः आत्मबोध और परमात्म-साक्षात्कार है।

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भारतीय परंपरा में कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग, राजयोग और हठयोग जैसे अनेक मार्ग बताए गए हैं। सिद्ध महायोग में शक्तिपात के माध्यम से अंतर्निहित चेतन शक्ति के जागरण को विशेष महत्त्व दिया जाता है। जागृत शक्ति साधक की पात्रता के अनुसार भक्ति, ध्यान, ज्ञान और योग-क्रियाओं को भीतर से प्रेरित कर सकती है। इसलिए इसे विभिन्न योगमार्गों के समन्वय की साधना भी कहा जाता है। सभी मार्गों का लक्ष्य अंततः आत्मबोध और परमात्म-साक्षात्कार है।