कुंडलिनी जागरण
कुंडलिनी जागरण
कुंडलिनी को मानव चेतना में स्थित सुप्त आध्यात्मिक शक्ति माना जाता है। शक्तिपात इस जागरण का प्रारंभिक प्रेरक हो सकता है, परंतु उसका संतुलित विकास नियमित ध्यान, गुरु-मार्गदर्शन, संयम और साधना से होता है। जागरण का उद्देश्य चमत्कार नहीं, बल्कि चेतना की शुद्धि, संतुलन और आत्मबोध है।